उत्तरकाशी में बादल फटने से मची भीषण तबाही।
उत्तरकाशी जिले के धराली गाँव में मंगलवार को एक भयंकर घटना देखने को मिली। आसमान में बादल फटने के बाद जो तबाही का मंजर सामने आया, उसने पूरे इलाके को बाढ़ जैसी स्थिति में डाल दिया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण वहां के कई दुकानें, बाजार, होटल और अन्य स्थान पूरी तरह तहस-नहस हो गए।
वर्तमान में रेस्क्यू ऑपरेशन जोर-शोर से जारी है, लेकिन इलाके की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन और बचाव दल पूरी मेहनत से राहत कार्यों में लगे हुए हैं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पीड़ितों से मिलने पहुंचे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सुबह धराली गांव पहुँचे, जहाँ हाल ही में भयंकर बादल फटने की आपदा ने कहर बरपाया है। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति का पूरी तरह जायजा लिया और प्रभावितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्य में केंद्र सरकार की टीम लगातार सक्रिय है। सेना के जवान और हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द बचाया जा सके। इसके साथ ही, बिजली आपूर्ति को बहाल करने का कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है।
पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया कि प्रभावित इलाकों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा
उत्तरकाशी के हादसे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरकाशी में हुई घटना पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार दोनों को आदेश दिए कि वहां पर हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों के साथ खड़ा रहना चाहिए और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकालने के लिए हर संभव मदद दी जाए। प्रधानमंत्री स्वयं भी इस आपदा से निपटने के प्रयासों को लेकर सतर्क और तत्पर हैं।
उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद वहां हुई भूस्खलन दुर्घटना में अब तक चार लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के लापता होने की खबरें सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि खीर गंगा नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में बादल फटने के बाद भारी मात्रा में जल बाहर आया, जिसके कारण आसपास के जितने भी होटल, घर, और अन्य स्थान थे, वे सभी पानी में डूब गए और वहां एक भयंकर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। पूरा इलाका पानी से भर गया और बाढ़ का स्तर बहुत बढ़ गया। इस क्षेत्र में प्रसिद्ध गंगोत्री धाम स्थित है, जहाँ पर पर्यटक भी घूमने आते हैं, जिसकी वजह से यहाँ हमेशा आने जाने वाली स्थिति रहती है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद भाजपा सांसद कंगना रानौत ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुःखद है। उन्होंने बताया कि पहाड़ों में रहने वाले लोग प्रकृति की इस क्रूरता के कारण भयभीत हैं। सांसद ने प्रार्थना की कि इस स्थिति में जल्द ही सुधार हो और प्रभावित लोगों को राहत मिले।
उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद वहां के कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तबाही का डरावना वीडियो सामने आया है।
उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद जो कुछ भी हुआ, वो वाकई बहुत ही दिल दहला देने वाला है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उन्हें देखकर दिल कांप उठता है। लोग डर के मारे चिल्ला रहे हैं, मदद की गुहार लगा रहे हैं। कई होटल, घर और दुकानें एक झटके में पानी में बह गईं। ऐसा लग रहा था जैसे एक पल में सबकुछ तबाह हो गया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे लोग डर और घबराहट में इधर-उधर भाग रहे हैं। वहाँ मौजूद लोगों की चीखें सुनकर रूह कांप जाती है। उसके आसपास का इलाका भी पूरी तरह बर्बादी की तस्वीर बन चुका है। जो लोग उस समय वहाँ मौजूद थे – चाहे स्थानीय हों या पर्यटक – उनके परिवार वाले अब बेहद चिंता में हैं। सबके मन में एक ही सवाल है: क्या हमारे अपने सही-सलामत घर लौट पाएंगे?
धाराली गांव के लोग और वहाँ फंसे पर्यटकों के लिए ये वक्त बेहद कठिन है। हालांकि, प्रशासन और राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं। बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है – स्कूटी, ट्रैक्टर और बाकी साधनों से राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है, और लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है। हम सबकी यही दुआ है कि हालात जल्दी से सामान्य हों, और जो लोग इस मुश्किल में फंसे हैं, उन्हें जल्द से जल्द राहत और मदद मिले।
#गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव #धराली में खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़
बाढ़ के चलते 20 से 25 होटल, घर व होमस्टे तबाह, कुछ लोगों के दबे होने की सूचना।
5 अगस्त 2025 समय दोपहर 1:30 बजे के करीब की घटना @JagranNews @dm_uttarkashi @pushkardhami @narendramodi pic.twitter.com/QwMGaOIfTT
— Shailendra Prasad (शैलेंद्र गोदियाल) (@shailly_godiyal) August 5, 2025