26 अगस्त 2025 को कटरा में माँ वैष्णो देवी की यात्रा में भूस्खलन की घटना हुई।

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कटरा में, भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक, माँ वैष्णो देवी का धाम स्थित है। 25 अगस्त 2025 को यहाँ श्रद्धालुओं के लिए दिन बेहद दर्दनाक साबित हुआ। भारी बारिश के कारण त्रिकुटा पहाड़ियों पर भयंकर भूस्खलन हुआ, जिसने यात्रियों के मार्ग को पूरी तरह प्रभावित कर दिया और उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

माँ-वैष्णो-देवी

भूस्खलन से लगभग दो सौ सत्तर सीढ़ियाँ बह गईं।

भाद्रपद मास में माँ वैष्णो देवी में झलक। अर्धकुमारी की गुफा मंदिर के पास अचानक हुए भूस्खलन से लगभग दो सौ सत्तर सीढ़ियाँ बह गईं। मलबा गिरने और पहाड़ खिसकने के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इस हादसे में कम से कम पाँच श्रद्धालुओं की मौत हो गई और चौदह से अधिक लोग घायल हो गए। कई यात्रियों के मलबे में दबे होने की आशंका है। पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई है और माता के दरबार में भी भारी अव्यवस्था का माहौल हो गया है।

अभी वहाँ की स्थिति 

 माँ वैष्णो देवी यात्रा को तुरंत रोक दिया गया है ताकि श्रद्धालु किसी भी तरह के ख़तरे में न पड़ें और उनकी आस्था सुरक्षित रहे।  भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तेजी से राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं।रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। लगभग 18 से 14 (अठारह से चौदह) ट्रेनें, जो माँ वैष्णो देवी यात्रा के लिए जाती थीं, रद्द कर दी गई हैं। जम्मू–कश्मीर प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।

माता के भक्तों की आस्था और दुख

माँ वैष्णो देवी, कटरा की यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है। लेकिन जब ऐसी प्राकृतिक आपदाएँ आती हैं, तो आस्था और दुख के बीच संघर्ष साफ़ दिखाई देता है। इस हादसे से लौटते हुए श्रद्धालुओं की आँखों में डर और पीड़ा स्पष्ट नज़र आती है। इसलिए माँ के भक्तों का दुख और उनकी व्यथा बेहद गहरी और मार्मिक है।

माँ वैष्णो देवी, कटरा में प्रशासन और सरकार की भूमिका

भूस्खलन और भारी बारिश की घटना के तुरंत बाद जम्मू–कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार ने सक्रिय कदम उठाए। मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राहत सामग्री और मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। प्रभावित श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की गई।सरकार ने रेड अलर्ट जारी किया और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर सभी के लिए उपलब्ध कराए। इसके अलावा, भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य में तैनात की गईं।
माँ-वैष्णो-देवी
केंद्रीय गृह मंत्री ने भी स्थिति की समीक्षा की और राज्य सरकार को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में मदद और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन: 32 की मौत, 20 से अधिक घायल

जम्मू में भारी बारिश के बाद बिगड़ते मौसम के बीच, वैष्णो देवी मार्ग पर अचानक एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे लगभग 32 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई और कई घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद NDRF, SDRF, सेना, CRPF, BSF और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया और हालात पर नियंत्रण पा लिया गया।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी से की बात

जम्मू कश्मीर लगातार बारिश के कारण बादल फटने की स्थिति से वहां की हालत कुछ ठीक नहीं है वही वहां के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की और उन्हें इस स्थिति के बारे में पूरा जानकारी दिया है साथ ही साथ प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी

निष्कर्ष

नेशनल मीडिया में माँ वैष्णो देवी यात्रा में 26 अगस्त 2025 की यह घटना हमें याद दिलाती है कि प्रकृति के सामने इंसान कितना असहाय है। आस्था के इस पवित्र स्थल पर पहुँचना लाखों श्रद्धालुओं का सपना होता है, लेकिन सुरक्षा और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है जितनी कि माता का दर्शन करना। हम सबकी प्रार्थना है कि माता वैष्णो देवी सभी पीड़ितों और उनके परिवारों को संबल दें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो।

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